Muhfaad – BAKRI (G.O.A.T) Hindi Lyrics | SOS

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AKRI/बकरी “G.O.A.T” Hindi lyrics by Muhfaad is a new hindi rap song BAKRI (G.O.A.T) from season of selab that has released in 2020. Muhfaad has sung the song “BAKRI (G.O.A.T)”. While Muhfaad wrote the lyrics of the new song “BAKRI (G.O.A.T)”, and music is given to this song by Muhfaad.

बकरी (G.O.A.T) Hindi Lyrics

ये गोट है फीमेल
साले सारे ही बकरी है
इन्हे शेर भी देखना है
जैसी करनी वैसी जर्नी
आज काल इतनी अग्नि मेरे तन्न मे गर्मी
जुबां पे लाभा ला दे बेशरमी
काम है मे बदनाम अधर्मी
जैसे साइकेट्रिस्ट खेलु दिमाग से
ऊपर से मारता नहीं घुमाके
लिखू सोच को गहराइयो मे दुबके
स्टाइल क्लासिक तभी जचता है जुबां पे
आई गोट दीस सारे गौर से देखे चलु चौड़ ऐसी लेके
बिना पॉलिटिक्स वाली पालिसी लेके
आई सीम लिखे मॉन्स्टर
निचे क्वालिटी वाली भरी बॉल्स अभी लेके
काफी इनके मिस्ड कॉल्स की
बिना ताले चाबी बंद करो इनकी
सील पैक करू जहा से तू आया है
तेरी ले रहा हु ट्रिप माँ कसोल की
ये गोट है फीमेल
साले सारे ही बकरी है
इन्हे शेर भी देखना है
और गाँड भी फट्ट री है
ये गोट है फीमेल
साले सारे ही बकरी है
इन्हे शेर भी देखना है
और गाँड भी फट्ट री है
मिला तुझे बास चौनी थी ज़मीन
उड़ने को पर नहीं पैरो मे लग्गे विंग
काफियो पे किया प्यार प्यार मै यकीन
डार्क मेरी लाइफ इस नाउ इट’स आल अबाउट ग्रीन
मिला तुझे बास चौनी थी ज़मीन
उड़ने को पर नहीं पैरो मे लग्गे विंग
काफियो पे किया प्यार प्यार मै यकीन
डार्क मेरी लाइफ इस नाउ इट्स आल अबाउट ग्रीन
आत को रोका नहीं जाती को टोका नहीं
अधूरे प्यार से बढ़िया मिल जाता धोका ही
नफरत पाना देती मिले पहली गलती पे दूसरा मौका नहीं
तू भाग सबसे आगे ले दीमाग लेजा साथ मे
मे ईद वो चाँद जो चमका नहीं एक रात मे
हाथ मे वो जो भर तेरी औकात से
तू फाटु है या ज़ोर पूरा लगा नहीं पाप से
आप से तू पे सच तेरे मुह पे
आँद तेरे तेरी अन्धभक्ति मे डूबे
तुझे दुःख है तू सबके मारे
रिश्ते ख़रीदे तूने डालके कुछ रूपए
एक करम साफ़ बाकी सारे कलाबाज़ी के
सर उठा के दुआ कभी झुक गए नमाज़ी से
जब से काम पे लगे हम कदार थे शहबाज़ी के
ज़मीनी महाराज शोला था मैं सत्रह मे भोला
अठारह मे हुआ जो भी उन्नीस मे बोलै
बीस पे जिन्होंने कर्री प्यार की कदर नहीं
उन्हें इक्कीस मे बच्चा बस देने को लावड़ा
ये गोट है फीमेल
साले सारे ही बकरी है
इन्हे शेर भी देखना है
मे हु बैहरा जो डूबा रहता गाने बनाने मे
खुल के उडाया जितना लगा तू कामने मे
इन् आँखों ने देखा है सब
बस किया नहीं दिखावा मैंने जाके ज़माने पे
बचपन निकल गया कूड़ ते फ़ां ते
स्कूल के टाइम से सारे उलटे काम थे
खुल के मानते किये जितने काण्ड थे
कुछ लगे सही कुछ गलत इलज़ाम थे
सोचा नहीं कभी मैंने व्हाट इफ़
किया सबकुछ खुद नहीं गॉड गिफ्ट
मोटीवेट किया किसी को जो पहली बार
उस दिन से रैप मेरा बन गया मोटीव
मेरी तरह अपनी चला तेरी चले तो
मैंने बाते चार भले रखे दो
खुली तीसरी आँख मेरी हाल फिलाल
मैंने सांप लगा लिए गले क्यों
भगवन को बिठाके बाजु मे बोल
क्यों ना खुद को ही पहले तालशु मे
नवाज़ु मे एक ही तराज़ू मैं सबको तराशा
जो खुद को तो खुदसे नाराज़ हूँ मे
इंसानी बुद्धि परेशानी खुद्की काम से ज़्यादा
जैसे अंधकानून आँखों पे काली पट्टी
वाही स्नाइपर जो मोटी हरी डालु गद्दी
इन्हे कोई साध बुद्धि दे
नींद से जगाये मारे चार इनकी गुद्दी पे
खुली इनकी आँख दिमाग पर ये जागे ना
ऐसे चुतियो के पीछे जिया मेरा लगे ना
ये गोट है फीमेल
साले सारे ही बकरी है
इन्हे शेर भी देखना है
और गाँड भी फट्ट री है
ये गोट है फीमेल
साले सारे ही बकरी है
इन्हे शेर भी देखना है

BAKRI (G.O.A.T) Video Song

Written BY:
Muhfaad